उस दिन रेल में...

अमूमन हर भारतीय की एक कहानी रेलगाड़ी से जुड़ी होती है... कई ऐसे वाक़्ये होते हैं जो उस सवारी गाड़ी में लकड़ी की उस सीट को हमेशा के लिए हमारे ज़हन में बसा देते हैं... रेल में उन्ही यादगार सफ़र को आप और हम यहां बाटेंगे...

Tuesday, February 23, 2010

हाई टेक होगा रेलवे

भारतीय रेल को नए अंदाज़ में देखने के लिए तैयार हो जाइए... क्योंकि ममता बनर्जी पूरे रेल नेटवर्क को हाई टेक करने की योजना बना रही हैं... हाई टेक योजनाओं में सबसे ऊपर सुरक्षा की कम्प्यूटराइज़्ड और सेंट्रलाइज़्ड व्यवस्था बनाने को रखा गया है...बढ़ती रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे एक सेंट्रल सर्वर बनाएगी... इसके लिए रेल बजट 2010-11 में घोषणा किया जा सकता है... जिसके तहत सेंट्रल सर्वर से गैंगमैन और परमानेंट वे इंसपेक्टर्स को जोड़ दिया जाएगा... इनके पास एक छोटा डिवाइस होगा... जो सेंट्रल सर्वर से सीधे तौर पर भारतीय रेल नेटवर्क पर नज़र बनाए रखेगा... इससे ये भी पता चलता रहेगा कि किस ट्रैक पर काम हो रहा... और कहां ध्यान रखने की ज़रूरत है... ये डेटा ड्राइवर्स और गार्ड्स को भी ऑनलाइन मिलेगा... ताकि वे भी सावधानी बरत सकें... इसके अलावा यात्री सुविधाएं भी दीदी की नज़र में है... अपने मेकओवर में रेलवे ख़ुद एक इन्फोटेनमेंट चैनल लाने की तैयारी में है... जिसे यात्रियों के मनोरंजन के लिए मुख्य स्टेशनों और मुख्य ट्रेनों में लगाया जाएगा... इतना ही नहीं जो यात्री रेलवे से बहुत ज़्यादा यात्रा करते हैं... उन्हे रेलवे रायल्टी कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी में है जिस पर यात्रा में छूट तो मिलेगी ही... साथ में रेलवे के आस-पास के स्टोर्स में भी खरीददारी पर छूट मिलेगी... हाई टेक प्रॉसेस में बात यहीं नहीं थमती... रेल मंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी को रेलवे में आज़माना चाहती हैं... क्योंकि वे किराया बढ़ाने के मूड में नहीं हैं... और भारतीय रेल को कमाई भी चाहिए.. इसलिए दीदी ने विज्ञापन जगत के गुरु सुहेल सेठ से बात की है... जो एक सेंट्रलाइज़्ड डेटाबेस बनाएंगे... और निजी कम्पनियों को एक-एक स्टेशन गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे... कम्पनियों के ज़िम्मे स्टेशन की देख-रेख होगी और बदले में उन्हे विज्ञापनों से कमाई करने का मौका दिया जाएगा...

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